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बकौल मिया लाट साहब, नुपुर ही दोषी है,  क्योंकि.. (तंज़)
घबराना नहीं है, ये तो तब्दीली आयी रे (तंज़)
एक ज़हालत से निकलकर दूसरी अपनाना ही 'किरांती' है रे बाबा !
पीरियड्स के खून से सनी क्रांति ज़्यादा लाल सूर्ख होती है !
!ncredible India #01
दास्ताँ-ए-दोगलापंती
पैरोडी-कॉमेडी #01
 ज़वाब-लाज़वाब #01