क्या हिंदुत्व में अहम भूमिका निभा रही है नारी शक्ति ? एक सार्थक चर्चा

Painting of Lalit Jain

भारत में हिंदुत्व का उभार और ताकत से सभी परिचित हैं. देश की राजनीति, समाज, सेवा, और अकादमी और जीवन के विविध पहलुओं में हिंदुत्व की व्यापक प्रभाव है. और सनातन हिंदू संस्कृति की तरह हिंदुत्व में भी नारी शक्ति की अहम भूमिका रही है. 

डॉ. रूपा रावल एक सफल क्लिनिकल रिसर्चर हैं. वह बचपन से राष्ट्र सेविका समिति से जुड़ी हुई हैं. विद्यार्थी जीवन में वह पूर्णकालिक कार्यकर्ता रही और दो वर्षों तक प्रचारिका रही. 

हिंदुत्व एक व्यापक विचार है जिस में ना सिर्फ़ महिलाओं, बल्कि आदिवासियों, वंचितों-दलितों और अन्य उपेक्षित वर्गों का भी प्रबल और प्रखर स्थान रहा है.

बिंदु सूरज केरल से हैं और साल 2003 से शक्ति से जुड़ी हुई हैं. शक्ति एक ऐसा संगठन है जो महिलाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और ज्ञान-प्रबोधन-मेधा से सशक्त बनाने में जुटी हुई है.  अपने संगठन के बारे में उनका सम्बोधन विश्व के बारे में भारत की दृष्टि और वैश्विक फेमिज्म पर रोशनी डालता है.
लेकिन देश का दुर्भाग्य है कि समाज-विरोधी और राष्ट्रघाती ताकतें हमेशा हिंदुत्व के दानवीकरण में लगी रहती हैं. वह चाहे कम्युनिस्ट हो या कांग्रेस जैसे दल या फिर विदेशी फंडो से संचालित अन्य एनजीओ.  

प्रज्ञा महाल 25 वर्षो से पूर्णकालिक रूप से विश्व परिषद में सक्रिय हैं और वह विश्व हिंदू परिषद की सँयुक्त सचिव व दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय संगटक हैं. 
वह कभी हिंदुत्व को महिला विरोधी, तो कभी अल्पसंख्यक विरोधी,  तो कभी आदिवासी-दलित विरोधी साबित करने के प्रयास करते हैं. हिंदुत्व जागरण को दबाने के लिए ये हमेशा से उनका सियासी एजेंडा और हथकंड़ा रहा है.

माधवी मिहिर भूता एक जानी-मानी लेखिका हैं. वह कई वर्षों से भाजपा महिला मोर्चा की सदस्य हैं और चार कार्यकाल से भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की सदस्य हैं. 

जबकि हकीकत अलग है, सनातन काल से हिंदू समाज अपनी आधी आबादी का सम्मान और उसकी शक्ति का सदुपयोग करना जानता है. और समग्र हिंदू चिंतन-मनीषा और राष्ट्रीय स्वयँसेवक संघ भी इसका अपवाद नहीं है. जब देश गुलाम था उस दौर में 1936 में देश के प्रखर नारी संगठन राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना हो गई थी. आज इसकी अंदाज़न दो हजार शाखाएँ हैं और हर शाखा में करीब डेढ़ सौ सेविकाएँ हिस्सा लेती हैं. यही नहीं, समाज और राष्ट्र की सेवा में ऐसी असंख्य संस्थाएँ हैं जो हिंदुत्व से प्रेरित हैं.

Photo: The Quint

वहीं देशभर में 500 मातृशक्ति व दुर्गावाहिनी केंद्र सक्रिय हैं. और महिलाओं के लिए एडवोकेसी में भी सक्रिय हैं.

देश व समाज में वर्षों से समर्पित, हिंदुत्व से प्रेरित इन प्रेरक महिलाओं के साथ व्यापक चर्चा का वीडियो आप यहाँ देख सकते हैं:

यकीनन, प्रोपेगेंडा से परे उपरोक्त चर्चा वीडियो आपको हिंदुत्व से प्रेरित महिलाओं और उनके संगठनो के बारे में वास्तविक जानकारी और सही समझ देगा. 

डॉ. रतन शारदा- वार्ता के सूत्रधार

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