सचिन और मोदी : दो व्यक्तित्व और उनके करिश्मे का राज़

सचिन तेंदुलकर एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हुए जिनके मैदान में आते ही स्टेडियम सsssचिन.. सचिन के नारों से गूँज उठता था..सचिन के प्रति जो दीवानगी क्रिकेटप्रेमियों में थी वो सचिन के पहले और सचिन के बाद फिर कभी किसी खिलाड़ी के लिये देखने को नहीं मिली..

Modi & Sachin | Photo: Time

ये वो दौर था जब लोग सचिन की बल्लेबाजी देखने के लिए ही टीवी चालू करते थे और सचिन के आउट होते ही टीवी बंद कर दिया करते थे और भारत की हार को निश्चित मान लेते थे..

देशभर के लोगों की आंकाक्षाओं और अपेक्षाओं का बोझ सचिन ने वर्षों तक ढोया.. यहाँ तक कि भारतीय टीम भी सचिन पर पूरी तरह से आश्रित हो गई थी.. सचिन के शून्य पर या कम रन पर आउट होते ही पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती थी..

सचिन को विश्व के अनेक गेंदबाज़ों ने चुनौती दी.. हर विपक्षी टीम सचिन के लिए विशेष रणनीति बनाती थी..क्योंकि हर टीम को पता था कि भारतीय टीम और भारत के क्रिकेटप्रेमियों की प्राण अगर किसी तोते में बसते हैं तो सचिन ही थे..

जब साल 1998-99 में ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई तो दुनिया भर के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में उलझा चुके ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वार्न ने बयान दिया कि - उनका मुकाबला सचिन से है और सचिन उनके निशाने पर हैं..

Modi with US President Biden 

शेन वार्न के इस बयान का जवाब सचिन ने अपने बल्ले से दिया.. उन्होंने शेन वॉर्न की उन गेंदों को भी आगे बढ़ बढ़कर मारा जिन्हें कोई और बल्लेबाज शायद छोड़ देता.. शेन वार्न की गेंदों की इतनी ज़बरदस्त धुलाई सचिन ने की कि भारत से लौटने के बाद शेन वॉर्न को कहना पड़ा - सचिन आज भी मेरे सपनों में आते हैं.. 

शारजाह में ज़िम्बाब्वे और भारत के उस मैच को कौन भूल सकता जब ज़िम्बाब्वे के गेंदबाज हेनरी ओलांगा ने सचिन को महज 25 रनों पर ही आउट कर दिया और अपनी इस खुशी को उन्होंने जमकर मैदान पर ज़ाहिर किया..

लेकिन अगले ही मैच में सचिन ने हेनरी ओलांगा का वो हाल किया कि हेनरी ओलांगा जीवन भर उस मैच को नहीं भूलेंगे..

ऐसे अनेक किस्से रहे जब सचिन को विपक्षी टीमों के गेंदबाजों ने चुनौती दी और सचिन ने उनका जवाब बयानों से नहीं बल्कि अपने बल्ले से दिया.. अपने पूरे क्रिकेटिंग करियर में सचिन ने कभी बड़बोलापन नहीं किया, कभी कोई विवादास्पद बयान नहीं दिया.. किसी अंपायर द्वारा गलत आउट दिए जाने पर भी सचिन ने कभी विरोध नहीं जताया.. विपक्षी टीमें भी सचिन के खेल और उनके इस व्यवहार की कायल थी.. आज भी हैं..

Sachin Tendulkar | Photo: Times of India
परंतु क्रिकेट से ठीक विपरीत राजनीति का मैदान होता है.. बेहद निर्मम, बेहद कठोर होता है.. यहाँ झूठ, सच, धोखा, भ्रम, लाँछन..साम दाम दंड भेद सबका खुलकर प्रयोग होता है..

सचिन के बाद केवल नरेंद्र मोदी ही एकमात्र व्यक्ति हैं जिनके किसी भी सभा/कार्यक्रम में आने पर वातावरण मोदी मोदी के नारों से गुंजायमान हो जाता है..

सचिन की तरह ही मोदी ने अपने विरोधियों का कभी उनके निम्न स्तर पर जाकर जवाब नहीं दिया.. अनेक विपक्षी नेताओं ने मोदी को नपुंसकमौत का सौदागरज़हर की खेती करने वालाचाय बेचने वालासाइकोपैथखून की दलाली करने वालाचौकीदार चोर हैअडानी-अंबानी का कुत्ता और भी ना जानें क्या क्या कहा..

परंतु मोदी ने कभी किसी विरोधी को उसके स्तर पर जाकर जवाब नहीं दिया परंतु जब भी किसी आमसभाकार्यक्रम या संसद में जवाब दिया तो विरोधियों की बोलती बंद हो गई...

Modi In America With Indian Artifacts 

जहाँ सचिन के करोड़ों प्रशंसक थे वहीं आलोचक भी कम नहीं थे, उनका ध्यान सचिन की उपलब्धियों की बजाय उनकी असफलताओं पर ही रहता था.. वही हाल मोदी के साथ भी है.. एक तरफ करोड़ों चाहने वाले हैं तो मुट्ठी भर आलोचक भी हैं जिन्हें मोदी के हर काम में केवल मीनमेख ही नज़र आते हैं..

इस संसार में सम्पूर्ण तो कोई भी नहीं है.. स्वयं आलोचक भी नहीं हैं.. मोदी के विरोधी भी ये बात भली भाँति जानते हैं कि जो आरोप वो मोदी पर लगाते हैं वो झूठे ही होते हैं.. यही वजह है कि उन्हें हर बार मुँह की खानी पड़ती है..

चाहे नोटबंदी करनी हो, पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक करनी हो, 370 ख़तम करनी हो, जीएसटी लागू करनी हो, लॉक डाउन लगाना हो हर बड़े निर्णय को लेने में मोदी ने कभी कोई कोताही नहीं बरती.. चीन से दो दो हाथ करने, चीन की आपत्तियों को दरकिनार कर संपूर्ण नॉर्थ ईस्ट में सड़कों, एयरपोर्ट का जाल बिछाना हो, चीन को डोकलाम पर पीछे हटने पर मजबूर करना हो, अभिनंदन की सुरक्षित रिहाई हो, अफगानिस्तान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी हो.. मोदी ने सब संभव करके दिखाया है..

आज देश में आतंकी हमले बंद हो गएकश्मीर में पत्थरबाजी बंद हो गई.. साज़िश को अंजाम देने से पहले ही आतंकी पकड़े जा रहे हैं.. सेना को साजो सामानआधुनिक हथियार मिल रहे हैं.. कोरोना जैसी महामारी को जिस कुशलता के साथ मोदीजी ने हैंडल किया इसकी आज संपूर्ण विश्व उनकी प्रशंसा कर रहा है.. जहाँ विश्व के अधिकांश विकसित देशों ने भी इस महामारी के सामने घुटने टेक दिए वहीं मोदीजी ने अपने कुशल नेतृत्व से इस पर भी विजय पाने में सफलता प्राप्त की है..

Modi In A Rally  |  Photo : Since Independence 

आजतक जिसकी कल्पना भी कोई प्रधानमंत्री नहीं कर सका हो वो हर काम मोदी ने कर दिखाया है.. चाहे स्कूली बच्चों से वार्तालाप करना हो, देश के सैनिकों के साथ हर वर्ष दीपावली मनानी हो, तनाव के समय बॉर्डर पर जाकर सैनिकों की हौंसलाअफ़ज़ाई करनी हो, कोविड के समय डॉक्टर, नर्स, कोरोना योद्धाओं से बात करनी हो, ओलंपिक में भाग ले रहे खिलाड़ियों से बात करनी हो, हार जीत पर उन्हें शुभकामनाएं/ढाँढस बंधाना हो.. स्वदेश लौटने पर उनके साथ भोजन करना हो.. देश के करोड़ों परिवारों को मुफ्त राशन देना हो, देश को स्वच्छ करना हो, हर काम मोदी ने करके दिखाया है और अभी जानें क्या क्या करने वाले हैं..

देश ने उन नेताओं को भी देखा है जिन्होंने आईएनएस विराट पर अपना जन्मदिन मनाया था.. सैफई महोत्सव में जो फिल्मी सितारों को नचाने के करोड़ों रुपए जनता के फूँक दिया करते थे.. जो दलित और ग़रीब की बेटी होने का दावा कर करोड़ों रूपयों का हार अपने जन्मदिन पर पहनते थे.. अपनी मूर्तियों, पार्कों पर अरबों रुपए उड़ाया करते थे..

वहीं अपने जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अधिक से अधिक जनता को वैक्सीन लगाने का महोत्सव मनायाउनके स्वास्थ्यसुरक्षा की चिंता की.. आंकड़ों के आधार पर लगभग 2.25 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगवा दिया है..

कांग्रेस ने मोदीजी के जन्मदिन को 'अपशकुन दिवसके रूप में मनाने की घोषणा की थी जिसका जवाब मोदीजी ने एक दिन में सबसे ज़्यादा वैक्सीनेशन करके दिया है..

Modi The Unbeatable  | Photo: Time 

मोदीजी ने सिखाया है कि जीवन में अगर आगे बढ़ना है तो अपने विरोधियों, आलोचकों की परवाह किये बिना अपनी लकीर को बड़ी करने में लगे रहो उनकी लकीर अपने आप छोटी होती चली जाएगी..

ये हमारा परम सौभाग्य है कि मोदीजी जैसे नेता के नेतृत्व में हम देश की दिशा और दशा बदलते हुए देख रहे हैं.. देश की जनता ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर बता दिया है कि विपक्ष उनके बारे में चाहे जितने झूठ फैलाये मोदीजी लोगों के दिलों में बसते हैं और देश की जनता मोदीजी को दिलोजान से चाहती है..

लिखने को बहुत कुछ है सब कुछ एक लेख में संभव नहीं है.. बस इतना समझ आया है कि..

मोदी जैसा प्रधानमंत्री - न भूतो ना भविष्यति..

नरेंद्र दामोदरदास मोदी - वो शख़्स जिसने क्रिकेट के दीवाने इस देश में राजनीति को क्रिकेट से भी ज़्यादा दिलचस्प बना दिया..

हर्षल खैरनार की फेसबुक वॉल से

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