गलत तथ्यो के साथ फेक न्यूज फैलाकर हौवा खड़ा करने में जब बड़े अखबार ही लग जाएँ तो इसे क्या कहा जाए? वैचारिक दुर्भावना या महज़ मामुली गलती?
एक ऐसी ही फेक न्यूज 10
अक्टूबर के टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी है. अखबार बता रहा है कि दिल्ली-NCR में प्याज 40 रुपये
किलो बिक रहा है!! लेकिन सच्चाई कुछ और है. इस तरीके से फर्ज़ी खबरो और काल्पनिक दामो से सिर्फ़
सट्टेबाज़ी को ही बल मिलता है. आम आदमी और सरकार गुमराह होती है सो अलग!
आपको इसी तारीख के दिल्ली
की लोकल सब्जी मंड़ी और साथ ही ऑनलाइन स्टोर बिग बास्केट की आज की रेट की तस्वीरे दी जा रही हैं. वहीं इंद्रपुरम, गाज़ियाबाद से सुरेश जायसवाल और दिल्ली के एक और
अन्य इलाके से पुरुषोत्तम चौहान अपने इलाको में प्याज का वास्तविक भाव 20 रु. बता रहे
हैं. अब आप खुद ही सोचिए कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया जैसा नामी अख़बार कितना सही और कितना गलत
है?
- चंद्र प्रकाश, वरिष्ठ पत्रकार






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